फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर वार्ता में मध्य पूर्व और यूक्रेन की स्थिति पर प्रमुखता से विचार किया गया। 16 मई को हुई इस बैठक में, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम समझौते और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कुछ खाड़ी देशों के शासकों ने भी मध्य पूर्व की स्थिति पर हुई बातचीत में भाग लिया। शिखर वार्ता में यूक्रेन संकट को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हुआ, जिसमें रूस के आक्रमण के परिणाम और संभावित समाधानों पर ध्यान केंद्रित किया गया। जी7 देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बैठक का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक रणनीति विकसित करना है। भविष्य में इन मुद्दों पर आगे की कार्रवाई के लिए जी7 राष्ट्र प्रमुखों ने सहमति व्यक्त की है।