जी7 देशों के नेताओं ने रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इसका उद्देश्य मॉस्को को बातचीत की मेज पर लाना है। फ़्रेडरिक मर्ज़ ने इसे “आशा का दिन” बताते हुए डोनाल्ड ट्रम्प की ध्यानपूर्वक सुनने की सराहना की। ये प्रतिबंध रूस के खिलाफ जी7 देशों की एकजुटता दर्शाते हैं और यूक्रेन संकट को हल करने के लिए कूटनीति को प्रोत्साहित करने का प्रयास हैं। मर्ज़ के बयान से संकेत मिलता है कि ट्रम्प की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही होगी, हालांकि विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह कदम रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और उसे अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में उठाया गया है। प्रतिबंधों की प्रकृति और दायरे के बारे में अधिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।