जी7 देश रूस पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं, जिसमें अधिक हथियार सहायता और कड़े प्रतिबंध शामिल हैं। जर्मन चांसलर मर्ज़ ने यूक्रेन के लिए इसे “उम्मीद का दिन” बताया है। यह कदम यूक्रेन में जारी संघर्ष को समाप्त करने और रूस को बातचीत की मेज पर लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जी7 का ध्यान अब रूस पर आर्थिक और सैन्य दोनों तरह से दबाव बढ़ाने पर केंद्रित है। मर्ज़ का मानना है कि यह यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि, रूस की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये उपाय यूक्रेन में स्थिति को कैसे प्रभावित करते हैं।