सामाजिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के संगठनों में बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी चल रही है। ये बदलाव ऐतिहासिक माने जा रहे हैं क्योंकि कई संगठन पुनर्गठन, संपत्ति बेचने और शुल्क आधारित सेवाओं को विकसित करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। Rydman की नीति के कारण संगठनों के कामकाज में तत्काल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है, जिससे अनिश्चितता का माहौल है। कई संगठन इस बदलाव के प्रभावों को समझने की कोशिश कर रहे हैं और भविष्य की रणनीति बनाने में जुटे हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य सेवाओं को अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से प्रदान करना बताया जा रहा है, लेकिन संगठनों को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्गठन क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा। संगठनों का कहना है कि वे वर्तमान स्थिति को लेकर पूरी तरह से भ्रमित हैं।
