जापान के फ़ुकुशिमा डाइची परमाणु ऊर्जा संयंत्र से रेडियोधर्मी जल (जिसे जापानी सरकार 'प्रसंस्कृत जल' कहती है) छोड़े जाने की प्रक्रिया में एक अलर्ट जारी होने के कारण काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। यह अलर्ट संयंत्र के आसपास के क्षेत्र में लगे निगरानी उपकरणों द्वारा उठाया गया था। हालांकि, कुछ समय बाद अलर्ट वापस ले लिया गया और जल छोड़ने का कार्य फिर से शुरू कर दिया गया। जापानी अधिकारियों का कहना है कि जल छोड़ने की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और पर्यावरण पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। इस घटना ने पड़ोसी देशों और स्थानीय मछुआरों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जो संभावित प्रदूषण के प्रभावों से डर रहे हैं। संयंत्र से छोड़े जा रहे जल में ट्रिटियम जैसे रेडियोधर्मी पदार्थ शामिल हैं, हालांकि जापानी सरकार का कहना है कि इसे सुरक्षित स्तर तक पतला कर दिया गया है। इस मामले पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) भी निगरानी रख रही है।