पेरू की राष्ट्रपति केइको फुजिमोरी की ला विक्टोरिया के एक स्पा में आयोजित गोपनीय बैठकों ने पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन बैठकों में शामिल लोगों, उद्देश्यों और संभावित परिणामों के बारे में पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह चिंताजनक है कि राष्ट्रपति आधिकारिक सरकारी स्थानों के बाहर, गैर-पारदर्शी तरीके से महत्वपूर्ण निर्णय ले रही हैं। कांग्रेस और राष्ट्रपति भवन को इन बैठकों में हुई चर्चाओं को स्पष्ट करने की आवश्यकता है, जो राष्ट्रपति पद के प्रयोग से संबंधित हैं। यह मामला एक “समानांतर राष्ट्रपति कार्यालय” की संभावना को इंगित करता है, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि सत्ता का प्रयोग कैसे किया जा रहा है और निर्णय कैसे लिए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर तत्काल जांच और स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।