पेट्रोलियम उपभोक्ताओं के चैंबर (COPEC) के अनुमान के अनुसार, 1 सितंबर, 2026 से ईंधन स्टेशनों पर पेट्रोलियम की कीमतों में मामूली वृद्धि होने की उम्मीद है। यह वृद्धि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी तीनों पर लागू होगी। COPEC ने यह भी संकेत दिया है कि यह वृद्धि मामूली होगी, जिसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को कीमतों में उल्लेखनीय उछाल का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, ईंधन की कीमतों में किसी भी तरह की वृद्धि आम आदमी के बजट पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तेल बाजार की स्थिति और मुद्रा विनिमय दरें इस वृद्धि के मुख्य कारण हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी योजनाओं के अनुसार ईंधन खरीदें। यह अनुमान है कि आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी।