ईंधन की कीमतों में कमी की घोषणा का ट्रांसपोर्टरों ने स्वागत किया है, लेकिन वे अभी भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि कीमतों में गिरावट की घोषणा जितनी तेज़ी से होती है, उसका प्रभाव उतनी जल्दी महसूस नहीं होता। ट्रांसपोर्टरों को डर है कि राहत मिलने में समय लगेगा और तत्काल लाभ दिखाई नहीं देगा। वे इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि कीमतों में कमी का लाभ उन्हें तुरंत मिलना चाहिए ताकि उनके व्यवसाय पर सकारात्मक असर पड़े। सरकार ने ईंधन पर करों में कटौती करके कीमतों को कम करने का फैसला किया है, लेकिन ट्रांसपोर्टरों का मानना है कि यह कदम पर्याप्त नहीं है। वे चाहते हैं कि सरकार ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के लिए और कदम उठाए। इस मुद्दे पर आगे बातचीत जारी रहने की संभावना है।