जर्मनी में पेट्रोल की कीमतों में पिछले दो महीनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऑटोमोबाइल क्लब ADAC के अनुसार, कीमतों में यह अस्थिरता अभूतपूर्व है। दरअसल, हाल ही में लागू हुए नियम के तहत, पेट्रोल की कीमतें दोपहर 12 बजे बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन जितनी बार चाहें उतनी बार घटाई जा सकती हैं। इस नियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कीमतों में अधिक पारदर्शिता प्रदान करना था। हालांकि, ADAC का कहना है कि इस नियम के कारण कीमतों में पहले से अधिक उतार-चढ़ाव हो रहा है। उपभोक्ताओं को अब कीमतों का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञ इस स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।