सरकार के अचानक लिए गए फैसले से पेट्रोमैक्स की कीमत 12,300 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 16,250 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस वृद्धि से मध्यम वर्ग के लोगों के लिए खर्च करने की क्षमता कम हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मध्यम वर्ग के परिवारों के बजट पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। ईंधन की कीमतों में वृद्धि से अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की आशंका है। सरकार ने इस फैसले को वैश्विक तेल बाजार की स्थितियों और सब्सिडी के बोझ को कम करने की आवश्यकता के कारण उचित ठहराया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे आम आदमी पर अन्यायपूर्ण बताया है। इस वृद्धि के बाद, मध्यम वर्ग के लोगों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए और अधिक सावधानी बरतनी होगी।