सरकार और पेट्रोल पंप मालिकों ने ईंधन, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए छह महीने के समझौते पर सहमति व्यक्त की है। यह रणनीति मूल रूप से फरवरी 2026 में स्वीकृत की गई थी और इसकी वैधता अगस्त में समाप्त होने वाली थी। नए समझौते के साथ, कीमतों में तत्काल वृद्धि को रोका जा सकेगा। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है, क्योंकि बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण ईंधन की लागत में वृद्धि की आशंका थी। माना जा रहा है कि यह समझौता बाजार में स्थिरता बनाए रखने में सहायक होगा। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की कीमतें आम जनता के लिए वहनीय रहें। आगे की नीति का निर्धारण अगले छह महीनों में बाजार की स्थितियों के मूल्यांकन के बाद किया जाएगा।