माँ की प्रेरणा से स्थापित एक जूट मिल विश्व स्तरीय, हाइड्रो-कार्बन मुक्त बैग का उत्पादन कर रही है। यह मिल सालाना 200 करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करती है। उत्तर बंगाल के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इस उद्योग से काफी बढ़ावा मिल रहा है। पहले टिन की दुकान चलाने वाले इस उद्यमी ने अब जूट उत्पादों का निर्यात 30 देशों में शुरू कर दिया है। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का एक बेहतरीन उदाहरण है। जूट उद्योग पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के उत्पादन के साथ आर्थिक विकास में भी योगदान दे रहा है। यह पहल स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ा रही है और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।