कюраसाओ और एनईसी के डिफेंडर देवेरॉन फोंविल की कहानी प्रेरणादायक है। कुछ समय पहले तक पिज्जा डिलीवरी करने वाले फोंविल ने विश्व कप में जर्मनी के खिलाफ खेलने का सपना साकार किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए अब उन्हें अजाक्स और एसी मिलान जैसे बड़े क्लबों से भी जोड़ा जा रहा है। 23 वर्षीय फोंविल का जीवन नाटकीय रूप से बदला है, जो एक समय पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी बनने की उम्मीद खो चुके थे। प्रशिक्षण के दौरान उनकी 'पास्ता लेग्स' (कमज़ोर पैर) की चर्चा होती थी, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इस कमी को दूर किया। फोंविल की कहानी दिखाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कुछ भी संभव है। उनकी सफलता कюраसाओ के लिए गर्व की बात है।
