फ्रांस में संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 1982 में एक अनूठा विचार उत्पन्न हुआ। तत्कालीन संस्कृति मंत्री जैक लैंग और संगीत व नृत्य निदेशक मॉरिस फ्लॉर ने मिलकर यह सपना देखा था। उनका लक्ष्य था संगीत को मंचों और कॉन्सर्ट हॉल की सीमाओं से निकालकर सड़कों पर लाना, ताकि यह सभी के लिए सुलभ हो सके। यह पहल गर्मियों के सबसे लंबे दिन, 21 जून को शुरू हुई थी। इस विचार के पीछे एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण उद्देश्य था - संगीत को लोगों के करीब लाना और उसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना। इस पहल ने फ्रांस में संगीत संस्कृति को एक नई दिशा दी और लोगों को संगीत के प्रति अधिक आकर्षित किया। यह एक ऐसा प्रयास था जिसने संगीत को जन-जन तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया।
