इस सप्ताह के कॉलम में विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा की गई है। इसमें पुस्तक मेले को लेकर लिखे गए व्यंग्यात्मक पैरोडीज़ शामिल हैं। साथ ही, नूनो गोंसालो पोसा और आंद्रे अज़ेवेडो अल्वेस के जवाबों को प्रस्तुत किया गया है। खेल जगत की बात करें तो विश्व कप भी लेखक की राय से अछूता नहीं रहा। यह लेख मनोरंजन और आलोचना का एक मिश्रण है। इसमें सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं पर कटाक्ष किया गया है। कुल मिलाकर, यह सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों का एक संक्षिप्त विश्लेषण है।