इस्लामिक उपदेशक ने 1 मुहर्रम के जुमा के खुत्बे में अनाथों के प्रति सहानुभूति और प्रेम के महत्व पर जोर दिया। खुत्बे में ईश्वर का धन्यवाद व्यक्त किया गया है, जिसने सभी प्राणियों को बनाया और उन्हें जीविका प्रदान की। उपदेशक ने ईश्वर के प्रति कृतज्ञता और क्षमा याचना करने का आह्वान किया। उन्होंने दया, उदारता और न्याय के महत्व को रेखांकित किया, साथ ही अन्याय और अत्याचार से बचने की सलाह दी। खुत्बे का मुख्य संदेश अनाथों की देखभाल और उनके प्रति करुणा दिखाना है, जिसे स्वर्ग प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग बताया गया है। यह खुत्बा धार्मिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर केंद्रित है।