बच्चों में लगातार पलक झपकाना, गले साफ़ करना, या कंधों को हिलाना टिक विकार के लक्षण हो सकते हैं। यह समस्या तनाव, नींद की कमी, या डांट-फटकार पड़ने पर और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अत्यधिक उपयोग भी इस विकार को जन्म दे सकता है। टिक विकार एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें अनैच्छिक गति या आवाजें शामिल होती हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के स्क्रीन समय को सीमित करें और उनके तनाव के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करें। यदि लक्षण गंभीर हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। सही समय पर उपचार से बच्चों को इस समस्या से उबरने में मदद मिल सकती है।