फ्रांस में बेरोजगारी दर लगातार छठे तिमाही में बढ़ी है, जो अब 2017 के आंकड़ों के करीब पहुँच गई है। इस वृद्धि से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के पूर्ण रोजगार के वादे पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलिप सहित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों ने इस स्थिति की आलोचना की है। नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि फ्रांस में रोजगार सृजन की गति धीमी हो गई है। यह वृद्धि आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक मंदी के प्रभावों के कारण हो सकती है। बेरोजगारी दर में यह लगातार वृद्धि सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार को रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नए उपायों की घोषणा करनी चाहिए।