फ़्रांस में छात्र प्रदर्शन जारी हैं और पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारी संकेतों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई कानूनी है या पुलिस द्वारा धमकाने की कोशिश है, इस पर बहस छिड़ गई है। एक नारा, "बिस्मिल्लाह, से ले तनेब्रे" (Bismillah, c'est les ténèbres), तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। यह नारा फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कथित तौर पर क्रोधित कर चुका है, जैसा कि *ले पैरिसियन* (Le Parisien) समाचार पत्र में बताया गया है। इन प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई ने फ़्रांस की राजनीतिक बहस में एक नया आयाम जोड़ा है। इन नारों और पुलिस के हस्तक्षेप से फ़्रांस में विरोध प्रदर्शनों की गंभीरता स्पष्ट होती है। यह स्थिति फ़्रांस में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है।