फ्रांस में दो लाइवस्ट्रीमरों को एक व्यक्ति के साथ बार-बार दुर्व्यवहार और अपमान करने के आरोप में सस्पेंडेड जेल की सजा सुनाई गई है। इस व्यक्ति की मृत्यु से पहले इन लाइवस्ट्रीमरों ने ऑनलाइन प्रसारणों के दौरान उसे प्रताड़ित किया था। अदालत ने उन्हें मृत्यु के लिए दोषी नहीं पाया, लेकिन हिंसा और नफरत फैलाने का दोषी पाया गया है। यह मामला ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की भयावह सच्चाई को उजागर करता है। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कठोर सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सस्पेंडेड सजा पर फैसला दिया। इस फैसले से ऑनलाइन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की बढ़ती समस्या पर ध्यान गया है। यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी और जवाबदेही के महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है।