ख्रिस्तियाँ बोबां का जन्म 1951 में फ्रांस के ल क्रुजो क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने 25 वर्ष की आयु में अपनी पहली पुस्तक 'Lettre pourpre' लिखना शुरू की। बोबां प्रसिद्धि के पीछे कभी नहीं भागे और पर्दे के पीछे रहना पसंद करते थे। उन्होंने जीवन यापन के लिए विभिन्न प्रकार के काम किए, कभी ऑटो शहर के पुस्तकालय में लाइब्रेरियन के रूप में, तो कभी ल क्रुजो के इकोम्यूजियम में पर्यटकों के गाइड के रूप में। बोबां ने हमेशा एक साधारण जीवन जिया और अपनी कविता को अपने भीतर ही संजोया। उनकी रचनाएँ उनके आंतरिक विचारों और भावनाओं का प्रतिबिंब हैं। वे एक ऐसे कवि थे जिन्होंने साहित्य को अपने जीवन का माध्यम बनाया।