फ्रांसीसी दार्शनिक लूक फ़ेरी ने नाबालिगों के लिए स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सीमित करने के समर्थन में बात की है। साथ ही, उन्होंने संवैधानिक परिषद के उस फैसले का समर्थन किया है जिसने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को रद्द कर दिया। फ़ेरी का तर्क है कि प्रतिबंध लगाने के बजाय, इन तकनीकों के उपयोग को विनियमित करना अधिक उचित है। संवैधानिक परिषद ने इस प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन माना था। फ़ेरी का मानना है कि युवाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए शिक्षित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए। यह मुद्दा फ्रांस में युवाओं और प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर जारी बहस का हिस्सा है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文