फ़्रांस में प्रस्तावित पेंशन सुधारों के विरोध प्रदर्शनों के बीच, चरमपंथी दलों के लिए समर्थन बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। नेशनल रैली (Rassemblement National) के दूसरे नंबर के नेता, जॉर्डन बार्डेला, पार्टी की प्रमुख, मारिन ले पेन से अलग रुख अपना रहे हैं। बार्डेला अपनी छवि को मजबूत कर रहे हैं और संबंधों के माध्यम से ऐसा कर रहे हैं। ये सुधारों को लेकर बढ़ते असंतोष का फायदा उठाकर अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों के कारण देश में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जिसका लाभ चरमपंथी दल उठा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये स्थिति फ़्रांस की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। बार्डेला का उदय ले पेन के लिए भी एक चुनौती पेश कर सकता है।