फ़्रांस में प्रो-रूसी पत्रकार ज़ेनिया फ़ेडेरोवा को निष्कासन का आदेश दिया गया है। यह आदेश उनकी विवादास्पद टिप्पणियों के बाद आया है। सवाल यह उठता है कि क्या यह निष्कासन कानून के शासन के तहत उचित है। विशेष रूप से, फ्रांस इस्लामी प्रचारकों के निष्कासन के लिए कड़ी कानूनी निगरानी बनाए रखता है। आलोचकों का तर्क है कि फ़ेडेरोवा के मामले में, निष्कासन प्रक्रिया में निष्पक्षता का अभाव हो सकता है। यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक दबाव के बीच एक बहस को जन्म देता है। निष्कासन के निर्णय से फ्रांस में प्रेस की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है।