माली में एक फ्रांसीसी खुफिया एजेंट को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। इस एजेंट पर सत्ताधारी सैन्य junta द्वारा "अस्थिरता फैलाने के प्रयास" का आरोप लगाया गया है। यह एजेंट लगभग एक साल से बमाको में हिरासत में है। अदालत का यह फैसला आश्चर्यजनक रूप से उसकी रिहाई का रास्ता खोल सकता है, ऐसा माना जा रहा है। माली में फ्रांस विरोधी भावनाएं बढ़ रही हैं, और यह फैसला उसी का परिणाम हो सकता है। इस मामले ने माली और फ्रांस के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ दिया है। फ्रांसीसी सरकार ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और एजेंट की रिहाई के लिए राजनयिक प्रयास जारी रखेगी।
