फ़्रांस की अर्थव्यवस्था में दूसरी तिमाही में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जिससे 2026 तक घाटे को कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करना और अधिक कठिन हो गया है। पहली तिमाही में नकारात्मक वृद्धि के बाद, फ़्रांस ने मंदी से कुछ हद तक बचाव किया है। हालांकि, शून्य वृद्धि दर सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। विश्लेषकों का कहना है कि यह स्थिति सरकारी खर्च में कटौती और करों में वृद्धि की आवश्यकता को और बढ़ा देगी। यह खबर फ़्रांस की आर्थिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता पैदा करती है। सरकार अब आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए उपायों पर विचार कर रही है। वर्तमान परिदृश्य में, 2026 के अंत तक घाटे को कम करने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रहा है।

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