अर्थशास्त्री गेब्रियल ज़ुकमैन, थॉमस पिकेटी के शिष्य हैं और कर प्रणाली के माध्यम से समकालीन आर्थिक असमानताओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। वे देश के सबसे अमीर 500 परिवारों की कड़ी आलोचना करते हैं। ज़ुकमैन का मानना है कि कर व्यवस्था में सुधार करके धन का पुनर्वितरण किया जा सकता है। उनका दृष्टिकोण मौजूदा आर्थिक ढांचे में गहरी खामियों को उजागर करता है। उनका काम धन की असमानता और कर चोरी के मुद्दों पर केंद्रित है। ज़ुकमैन का लक्ष्य एक अधिक न्यायसंगत और समान समाज बनाना है। उनका शोध कर नीतियों के महत्व पर प्रकाश डालता है।

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