माली में तख्तापलट की साजिश रचने और जासूसी के संदेह में गिरफ्तार फ्रांसीसी नागरिक यान वेज़ीलियर को राष्ट्रपति ने क्षमादान दे दिया है। फ्रांस ने अभी तक इस क्षमादान पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पहले, फ्रांस ने वेज़ीलियर पर लगे आरोपों को निराधार बताया था। वेज़ीलियर पर माली में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने और सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश का आरोप था। यह क्षमादान माली और फ्रांस के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में एक नई जटिलता जोड़ सकता है। फ्रांसीसी सरकार की चुप्पी इस मामले को और भी रहस्यमय बना रही है। यह देखना बाकी है कि यह क्षमादान दोनों देशों के भविष्य के संबंधों को कैसे प्रभावित करेगा।