फ़्रांस में पाँच साल पहले लागू की गई बाक (Baccalauréat) परीक्षा में सुधार प्रक्रिया अभी भी जारी है और यह पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई है। इस सुधार का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को उच्च शिक्षा से जोड़ना था, लेकिन यह लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है। विश्वविद्यालयों ने ‘पारकूरसुप’ (Parcoursup) नामक एक अन्य प्रणाली को अधिक पसंद किया है, जो प्रवेश प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारों के बावजूद, बाक परीक्षा और उच्च शिक्षा के बीच संबंध स्पष्ट नहीं हो पाया है। सरकार लगातार बदलाव कर रही है, लेकिन विश्वविद्यालयों की प्राथमिकता अभी भी पारकूरसुप ही है। इस स्थिति के कारण छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सुधारों का मूल्यांकन अभी भी जारी है और भविष्य में और बदलाव संभव हैं।