जर्मनी और फ्रांस की संयुक्त टैंक परियोजना MGCS के विफल होने की आशंका बढ़ रही है। राइनमेटल कंपनी के प्रमुख ने इस परियोजना के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। यह चिंता ऐसे समय में जताई गई है जब दोनों देशों की नई पीढ़ी की लड़ाकू विमान परियोजना हाल ही में रद्द कर दी गई थी। राइनमेटल का मानना है कि MGCS परियोजना भी उसी राह पर जा सकती है। दोनों देशों के बीच तकनीकी और वित्तीय मुद्दों को लेकर मतभेद हैं, जो परियोजना की प्रगति में बाधा बन सकते हैं। इस परियोजना का उद्देश्य एक अगली पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक विकसित करना है, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिल पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह परियोजना विफल होती है, तो यूरोपीय रक्षा सहयोग को एक बड़ा झटका लगेगा।