अठारहवीं शताब्दी में, फ़्रांस के राजा लुई सोलहवें ने नवजात अमेरिका का समर्थन करते हुए, ब्रिटेन के खिलाफ एक वैश्विक युद्ध में प्रवेश किया। फ़्रांस ने अमेरिकी विद्रोहियों की सहायता की, जिससे अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस युद्ध में फ़्रांस विजयी ज़रूर रहा, लेकिन इसकी कीमत उसे भारी पड़ी। युद्ध के बाद फ़्रांस पर अत्यधिक कर्ज़ का बोझ था और उसे कोई महत्वपूर्ण लाभ नहीं मिल पाया। इतिहासकारों का मानना है कि यह हस्तक्षेप फ़्रांस के लिए आर्थिक रूप से हानिकारक साबित हुआ। इस समर्थन के कारण फ़्रांस की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई, जिसने बाद में फ़्रांसीसी क्रांति में योगदान दिया। यह घटनाक्रम फ़्रांस और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
