फ्रांस ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की इच्छा व्यक्त की है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बारो ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को हटाने के लिए फ्रांस की मंजूरी अनिवार्य है, और यह तभी दी जाएगी जब अंतिम समझौते की शर्तें फ्रांस को संतुष्ट करेंगी। उनका कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और उसके सहयोगी समूहों को समर्थन देने के मुद्दे को भी शामिल किया जाना चाहिए। बारो ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए यह आवश्यक है। फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक वीटो शक्ति वाला सदस्य है, इसलिए उसकी स्वीकृति प्रतिबंधों को हटाने की किसी भी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है। यह बयान ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर चल रही जटिल वार्ताओं के बीच आया है। फ्रांस का रुख दर्शाता है कि वह ईरान पर व्यापक प्रतिबंधों को हटाने से पहले ठोस आश्वासन चाहता है।