लॉरेंस दे शरेट के अनुसार, फ्रांस अपनी पिछली गलतियों से सीख नहीं रहा है। जून में आई भीषण गर्मी ने देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वृद्धाश्रमों में अत्यधिक गर्मी, अस्पतालों में दम घुटने की स्थिति, आपातकालीन सेवाओं का चरमरा जाना और स्वास्थ्यकर्मियों का थका होना, ये सभी 2003 के हीटवेव के बाद नहीं सीखे गए सबक के परिणाम हैं। फ्रांस में एक तरह की 'सीखने में अक्षमता' की समस्या है, जिसके कारण बार-बार वही गलतियाँ दोहराई जा रही हैं। अस्पताल, कर्ज, पेंशन और न्याय प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। देश को अपनी पुरानी विफलताओं का विश्लेषण करके भविष्य के लिए तैयारी करनी चाहिए। यह स्थिति फ्रांस के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।