फ्रांस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में अमेरिका से पीछे है, लेकिन कुछ साहसिक कदम उठाकर इस अंतर को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ जोआन लारोमेक के अनुसार, फ्रांस के लिए यह ज़रूरी है कि वह इस तकनीक में निवेश बढ़ाए और नवाचार को प्रोत्साहित करे। उनका मानना है कि फ्रांस के पास यूरोप को अमेरिकी प्रभुत्व से मुक्त कराने की क्षमता है। इसके लिए, फ्रांस को एक स्पष्ट रणनीति बनानी होगी और उसे लागू करने के लिए दृढ़ संकल्प दिखाना होगा। लारोमेक का सुझाव है कि फ्रांस को अनुसंधान और विकास में निवेश करना चाहिए, प्रतिभा को आकर्षित करना चाहिए और एक अनुकूल नियामक वातावरण बनाना चाहिए। यदि फ्रांस इन कदमों को उठाता है, तो वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है और यूरोप को एक मजबूत स्थिति में ला सकता है। यह न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।