फ्रांस ने सिसिली तट के पास एक रूसी तेल टैंकर को हिरासत में लिया है। यह जहाज कैमरून के ध्वज के तहत पंजीकृत था और रूस के प्रिमोर्स्क बंदरगाह से आ रहा था। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के अनुसार, यह जहाज रूस के ‘छाया बेड़े’ का हिस्सा है, जिसका उपयोग यूक्रेन पर आक्रमण के बाद लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है। इस ‘छाया बेड़े’ का उद्देश्य रूस से तेल का निर्यात जारी रखना है। फ्रांस का कहना है कि यह जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। इस घटना से रूस पर लगे प्रतिबंधों के प्रभाव और उनके कार्यान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। यह कार्रवाई पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर दबाव बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है।