फ्रांस इंटर रेडियो से थॉमस लेग्रैंड को हटाए जाने के बाद, उन्होंने रेडियो फ्रांस की अध्यक्ष पर ‘लेग्रैंड-कोहेन मामले’ के दौरान उन्हें सार्वजनिक रूप से अकेला छोड़ने का आरोप लगाया है। लेग्रैंड, जो ‘लिबरेशन’ के लिए भी लिखते हैं, का कहना है कि उन्हें आगामी कार्यक्रम शेड्यूल में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने संपादकों से बाहरी दबाव के सामने अधिक साहसी होने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि रेडियो फ्रांस की अध्यक्ष ने उनके खिलाफ पर्याप्त समर्थन नहीं दिया। लेग्रैंड ने इस मामले को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की स्वायत्तता से जोड़कर देखा है। वे संपादकीय स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मीडिया संस्थानों से अधिक दृढ़ता दिखाने की अपेक्षा करते हैं। यह घटना मीडिया पर राजनीतिक दबाव के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।