फ़्रांस में शनिवार को हुई हिंसक प्रदर्शनों के बाद व्यापक क्षति हुई है, जिसमें 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पेरिस में एक ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग लगा दी गई और व्यापक लूटपाट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति 'युद्ध जैसी' थी। यह घटना फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि अगले छह महीनों में चुनाव होने वाले हैं। इन प्रदर्शनों में पेरिस, मार्सिले, बोर्डो, नीस और स्ट्रासबर्ग जैसे शहरों में दुकानों को लूटा गया। सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके। इन घटनाओं से व्यवसायों को भारी नुकसान हुआ है, जिसका अनुमान लाखों यूरो में लगाया जा रहा है।