यूरोप के मुख्य भूभाग में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बढ़ने के कारण फ्रांस के आधे हिस्से को ‘रेड अलर्ट’ पर रखा गया है। यह कदम अत्यधिक गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए उठाया गया है। फ्रांस में कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क रहने, खूब पानी पीने और दोपहर की चिलचिलाती धूप से बचने की सलाह दी है। स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं। यह गर्मी की लहर पूरे यूरोप में महसूस की जा रही है, जिससे कई देशों में तापमान सामान्य से काफी अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं अधिक बार और अधिक तीव्र होने की संभावना है।