जर्मनी और फ़्रांस ने यूरोप में ऑटोमोटिव उद्योग के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। इस समझौते का मुख्य लक्ष्य 2035 तक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करना है। इसके साथ ही, यूरोप में नई पीढ़ी के इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और विकास को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह पहल यूरोपीय ऑटोमोबाइल निर्माताओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देश इस दिशा में मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सहयोग यूरोपीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद होगा। प्रस्ताव में तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दिया गया है।