हंगरी में दुर्लभ बीमारियों के लिए दवाओं की मंजूरी देने वाले बैथ्यानी-स्ट्रैटमैन फाउंडेशन के कार्यों में बदलाव आया है। अब, यह कार्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा निधि (OEP) द्वारा संभाला जाएगा। फाउंडेशन, जो विशिष्ट दवा अनुरोधों की समीक्षा करता था, अब यह भूमिका नहीं निभाएगा। यह परिवर्तन दुर्लभ दवाओं की उपलब्धता और मंजूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और दक्षता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। OEP अब दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए आवश्यक दवाओं की मंजूरी के लिए जिम्मेदार होगा। इस बदलाव से मरीजों को दवाओं तक पहुंच में क्या बदलाव आएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
