नॉर्वे में, पालक माता-पिता स्कूल में प्रस्तावित “शर्म के कोने” (skammekrok) के विचार को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि इससे बच्चों को समाज से अलग-थलग किया जा सकता है। यह प्रस्ताव उन छात्रों को अलग करने की अनुमति देता है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है। पालक माता-पिता का कहना है कि यह विशेष रूप से उन बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है जो पहले से ही कमजोर हैं, जैसे कि पालक देखभाल में रहने वाले बच्चे। उनका तर्क है कि अलगाव छात्रों की भावनात्मक और सामाजिक भलाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वे स्कूल प्रशासन से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और अधिक सहायक और समावेशी अनुशासन विधियों को अपनाने का आग्रह कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्रत्येक बच्चे को सम्मान और दीक्षा के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।

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