फोर्ट हुड में हुए हमले के जीवित बचे व्यक्ति, अलोंजो लन्सफोर्ड ने निदाल हसन को दी गई मृत्युदंड की सजा को उचित बताया है। उनका कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह सजा सही है। हालांकि, लन्सफोर्ड ने इस execution को लाइव प्रसारित करने की अवधारणा पर अपनी आशंका व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस तरह का प्रसारण उचित नहीं है, भले ही सजा सही हो। लन्सफोर्ड ने इस मामले पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय तो मिला है, लेकिन प्रसारण का तरीका विवादास्पद हो सकता है। उन्होंने फोर्ट हुड में हुई घटना की गंभीरता को याद दिलाया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। यह घटना संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में एक दुखद अध्याय है।