दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व उप-गवर्नर ली ह्वा-यंग को राष्ट्रीय सभा में झूठी गवाही देने के आरोप में 4 महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह मामला कथित 'सैल्मन शराब पार्टी' के विवाद से जुड़ा है, जिसमें ली ने संसद में गलत बयान दिए थे। हालांकि, अदालत ने उन्हें राजनीतिक फंड कानून के उल्लंघन के आरोपों से बरी कर दिया है। साथ ही, उनके खिलाफ सत्ता के दुरुपयोग के दावों को भी खारिज कर दिया गया है। यह फैसला ली ह्वा-यंग के लंबे समय तक चले कानूनी संघर्ष के बाद आया है। अदालत ने गवाही के दौरान जानबूझकर झूठ बोलने की बात को गंभीरता से लिया। यह मामला दक्षिण कोरिया की राजनीति में काफी चर्चा का विषय रहा है।
