पूर्व संसद अध्यक्ष, प्रो. आरोन माइक ओक्वे ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बावकू सेंट्रल सांसद, महामा अयरीगा को गिरफ्तार करने के विशेष अभियोजक के प्रयासों को कैसे रोका। प्रो. ओक्वे ने बताया कि विशेष अभियोजक सांसद को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप किया। उन्होंने इस हस्तक्षेप के कारणों का विवरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने संसद की गरिमा और विशेषाधिकारों की रक्षा के लिए कार्य किया। इस मामले ने घाना में राजनीतिक टिप्पणीकारों और कानूनी विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों का तर्क है कि प्रो. ओक्वे का हस्तक्षेप अनुचित था, जबकि अन्य का कहना है कि उन्होंने सही काम किया। यह घटना सांसद और सरकारी अधिकारियों के बीच संबंधों और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में सवाल उठाती है।