दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति युन सियोक-योल पर देश की सैन्य शक्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। उन पर उत्तर कोरिया के खिलाफ एक गुप्त ड्रोन अभियान चलाने का आरोप है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन मार्शल लॉ लागू करना था। अभियोजन पक्ष का दावा है कि युन ने सैन्य संसाधनों का निजी इस्तेमाल किया। यह दक्षिण कोरिया के इतिहास में पहली बार है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति को इस तरह के आरोप का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में औपचारिक रूप से आरोप पत्र दाखिल किया गया है। युन सियोक-योल ने आरोपों का खंडन किया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। इस घटना से दक्षिण कोरियाई राजनीति में तनाव बढ़ गया है।