पूर्व सीनेटर बुकोला सरकी ने नाइजीरिया में लोकतंत्र के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में अनियंत्रित शक्ति को चिन्हित किया है। उनका तर्क है कि नाइजीरिया के लोकतांत्रिक प्रणाली के निर्माताओं ने जानबूझकर कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति का विभाजन किया था। इस विभाजन का उद्देश्य किसी भी एक इकाई को निरंकुश अधिकार प्राप्त करने से रोकना था। सरकी ने चेतावनी दी कि शक्ति के केंद्रीकरण से लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो सकता है। उन्होंने शक्ति के संतुलन और स्वतंत्र संस्थानों के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना है कि इन सिद्धांतों का पालन ही नाइजीरिया में एक मजबूत और टिकाऊ लोकतंत्र सुनिश्चित कर सकता है। यह बयान वंगार्ड न्यूज़ में प्रकाशित हुआ।