पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने देश के बढ़ते कर्ज और करों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आगाह किया है कि लगातार बढ़ रहा ऋण और करों का बोझ आम जनता पर भारी पड़ रहा है। अब्बासी ने सरकार से वित्तीय नीतियों पर पुनर्विचार करने और जनता को राहत देने के उपाय खोजने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि मौजूदा आर्थिक नीतियां टिकाऊ नहीं हैं और इनसे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने विशेष रूप से करों में वृद्धि के कारण आम आदमी की जीवनशैली पर पड़ने वाले असर पर जोर दिया। अब्बासी ने सरकार को राजस्व बढ़ाने के अन्य तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने और खर्चों में कटौती करने की सलाह दी। इस बयान से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।