पर्मटा परिषद की पूर्व सीईओ गेल कॉनली पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर भर्ती प्रक्रियाओं में हेराफेरी करने, व्यक्तिगत लाभ के लिए गोपनीय जानकारी का खुलासा करने और परिषद कर्मचारियों तथा एक निर्वाचित अधिकारी पर जासूसी करने का आरोप है। स्वतंत्र भ्रष्टाचार निवारण आयोग (ICAC) द्वारा संचालित 'ऑपरेशन नवरा' के तहत कॉनली को दोबारा गवाही के लिए बुलाया गया है। यह मामला परिषद में सत्ता के दुरुपयोग और पारदर्शिता की कमी से जुड़े सवालों को जन्म देता है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या कॉनली ने अपने पद का दुरुपयोग किया और यदि किया तो किस हद तक। इस मामले की सुनवाई से परिषद के कामकाज और जवाबदेही पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। कॉनली ने आरोपों का खंडन किया है और अपना बचाव कर रही हैं।