संसद में पूर्व में कार्यरत एक आईटी कर्मी पर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। उन पर एक आपराधिक गिरोह का हिस्सा होने का आरोप है जिसने संभवतः लोगों से 14 मिलियन नॉर्वेजियन क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की धोखाधड़ी की। अभियोजन का दावा है कि यह व्यक्ति गिरोह के तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में कार्य करता था। यह मामला नॉर्वे की संसद में सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित चिंताओं को बढ़ाता है। जांच में पता चला है कि धोखाधड़ी कई पीड़ितों को निशाना बनाकर की गई थी। आरोपी ने आरोपों से इनकार किया है और मामले की सुनवाई चल रही है। इस मामले ने नॉर्वे में राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है।