केमामण परिषद के पूर्व निदेशक पर 32 रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें उन्होंने दोषी नहीं होने की बात कही है। उन पर आधिकारिक तौर पर उनसे जुड़े एक व्यक्ति से 156,336 रिंगित (RM) की रिश्वत लेने का आरोप है। यह मामला भ्रष्टाचार से संबंधित है और अदालत में पेश होकर उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। आगे की सुनवाई के लिए तारीख नियत की गई है। यह रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला है जो सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के लिए एक चेतावनी है। जांच में यह पता चला है कि रिश्वतखोरी की ये घटनाएं उनके कार्यकाल के दौरान हुई थीं। अब अदालत इस मामले की सुनवाई करेगी और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाएगी।